Posts

Showing posts from May, 2022

सुकून !!

Image
 

चांद हूं 😊

Image
 

जिंदगी

Image
 

मैं इश्क .........

Image
 

इतना आंच कहां से लाती हो ......

Image
रेशम से बालों में सिमटकर घनघोर मुलायम तुम  सिल्क सी बाहों वाली इतना आंच कहां से लाती हो, दहकी दहकी सी आग में बहुत जलाती हो । उड़ते बादलों की मानिंद फाहों सी बिखरती चांद से खेलती  चांदनी बन जाती हो तुम  सौम्य सुंदर लगती हो जब खिलखिलाती हो, पर इतना आंच कहां से लाती हो। नदी की शीतलता समेटे  किनारों संग गाती अनवरत सदा तुम  प्यासा यूं पहाड़ों को छोड़ जाती हो, पर इतना आंच कहां से लाती हो । कानों में रतिकांत  कटि में पुष्पवान  तिरछे से हद्द मीठे होंठो को कामदेव के तीर बनाती हो, इतना आंच कहां से लाती हो। ग्रीवा सुराही  अंग में खुशबू समाई थोड़ी सी लज्जाई सकुचाई कानों में सांसों के सुर सुनाती हो  इतना आंच कहां से लाती हो । 

मैं चला गया हूं घर लेकिन तुम्हारे पास से जा ही नहीं रहा .......

जिंदगी ने जो दिया,मस्त है ये, वो होता के महल बना ही नहीं रहा हूं, मैं चला गया हूं घर लेकिन तुम्हारे पास से जा ही नहीं रहा हूं। तुम्हारी आंखों की नमी, शोखियां  डूबा हूं इनमें थाह पा ही नहीं रहा हूं।  मूंगफलिया जो छिली तुमने, देखता हूं जाने क्यूं पर इनको खा ही नहीं रहा हूं। प्रेम, गुस्सा, हठ, विछौड़े खेल मन के  ठीक ही तो है सब इसे समझा ही नहीं रहा हूं। क्यूं खुदा से लड़ूं, शिकायतें करूं  तुमने छुआ था भुला ही नहीं रहा हूं। तुम्हारी खुशबू बसी है हर अंग में  कितना मजे में हूं की नहा ही नहीं रहा हूं। नशे में हूं ऐसे कि फिर से मिलूं सोचा नहीं पहली खुमारी से बाहर आ ही नहीं रहा हूं। ऑफिस, काम, घर चल रहा है मेरे साथ  तुम्हारी यादों से पर दूर जा ही नहीं रहा हूं। मैं चला गया हूं घर लेकिन तुम्हारे पास से जा ही नहीं रहा हूं।

जानाँ

Image
 

All That Matters

Image