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Showing posts from August, 2020

मरवाएगा......

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जाने वक़्त क्या क्या करवाएगा, वो हमसे जुदा तो ना हो जाएगा,  कर रहा बिछड़ने की बातें  कसम से वो मरवाएगा, छोड़ी हैं निशानियां इतनी  दिल किस किस को भुलायेगा, जिंदगी जो निभा न सकेगी  क्या रिश्ता वो निभाएगा,  उम्र भर को हमारा ना होगा  तो,  अभी बिछड़ वो जाएगा, क्या अब मिलते हुए भी  अहसान हम पे वो जतायेगा, देखते सिमट जाता था बाँहों में  कैसे खुद को दूर वो रख पायेगा, प्रीत को देह से अलग कर   यक़ीनन बहुत वो रुलाएगा,  क्या इस से भी अच्छी होगी  जो दुनिया वो बसाएगा।  

काश कि सब ठीक हो !

कह तो दिया है सांत्वना दे तो दी है   सब ठीक होगा,   पर कैसे  मालूम नहीं है, क्यूँकि  अभी भी आंधियां आने को हैं तत्पर  उड़ाने को इस छप्पर की दीवारें  ढहाने को आँसुओ के बाँध  मिटा देने को लहलहाते खेत  उथल पुथल करने को मंजर  और  किसान खड़ा  मुहाने पर  साफा बांधे  हिम्मत ओढ़े  कस्सी और फावड़े को पकड़  अपनी बिखरी दौलत बचाने, तो क्या   बचा लेगा पगड़ी की शान   साफा फंदा  तो न बन जाएगा,  हिम्मत रोक लेगी उफनते भावों को  या घुटने तक देगी,  वो दौड़ कर एक चद्दर में समेटने लगा है  सारी भारहीन वस्तुएं  और बहुत बहुत भारी हो गयी है  उसकी गठरी  देखें  वक़्त किसको कितनी हिम्मत देगा  काश कि  सब ठीक हो ! 

मिलन का चाव. ,.

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जब तय कर लिया है  नूतन बदलाव,   तलाश रहे रोशनी कोई  लेकर जलता अलाव, क्या भुला दोगे वो झील किनारे  छतरी तले की कॊफ़ी, वो लम्बी बातें  मासूम सी बाँहों में  ठहरी रातें, भूलने की प्रथम सीढ़ी प्यार की करवट है  देह पृथक प्रेम में  बहुत विकट है, इन हदों का सम्मान बड़ा कठिन होगा, राधा प्रेम में समर्पित  क्या देवकीनंदन होगा,  क्या भुला दोगे  वो साँसों का मिलन, जिया बड़े चाव से   जो थोड़ा सा जीवन, क्या होगा हृदय में   फिर वही मिलन का चाव,  रिश्तों में कहीं आएगा  क्या फिर ठहराव, जब तय कर लिया है  नूतन बदलाव,   तलाश रहे रोशनी कोई  लेकर जलता अलाव।       

Let me mourn.....

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Let me mourn  the death of thousands of currents flowed when holding your  beautiful  soothing hands, let me mourn the death of the oceans of fragrance emanating  from soft skin feelings on my fingertips never felt so akin, let me mourn the death of trying to be open those intertwined feathered hair silky, smooth and pretty felt often on me here and there, let me mourn the death of  game of tongues and touch of luscious lips sensation and arousal feelings of that first kiss, let me mourn the death of  that whisper of love  those breathlessness bellow, cuddling and embracing and what else don't know. let me mourn .....