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ओ पिया........

धीमा धीमा तेरी यादों का जहर ओ पिया। तेरे बिन सुना लगे है सारा शहर ओ पिया। नहीं सहा जाये जवानी ढाये कहर ओ पिया। आँखों में आंसू रात के  हर पहर ओ पिया। फिर फिर आयें यादें तेरी लहर ओ पिया। जब से गए सब गया है ठहर ओ पिया। धीमा धीमा तेरी यादों का जहर ओ पिया।

हम तो असल रहे.....

हम खुद को बदल रहे हैं  जहर इतना निगल रहे हैं,  प्यार है तो सही दिल में  पूछा उनसे तो मचल रहे हैं,  खुद हों न जाहिर जमाने पे  चालें ऐसी चल रहे हैं, तेरी यादों ने डगमगाया  वरना इरादे अटल रहे हैं, काश वो आ जाये कहीं से  नैना कब से सजल रहे हैं, इतनी दूरी नहीं अच्छी  हम तेरे खुशनुमा कल रहे हैं,  गलतफहमियां हुई ज्यादा  वरना हम तो असल रहे हैं,