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Thursday, March 9, 2023

तुम्हारे जाने से .....

 ये बादल

ये नदी

ये छत

सब महकते हैं 

तुम्हारे यहां कभी आने से ,


ये धारा 

ये भाव

ये मौसम

सब बदल जाते हैं

हंस देते जब तुम अनजाने से ।


मेरा मन

तुम्हारा मन

ये आंखे 

ये होंठ

तरसते से 

रहते हैं कैसे दीवाने से,


तुम्हारी चाह

देखती राह

खिलते से गुलशन

महकते से बदन

मुरझा जाते हैं 

मजबूरन तुम्हारे जाने से ।


Thursday, May 12, 2022

मैं चला गया हूं घर लेकिन तुम्हारे पास से जा ही नहीं रहा .......

जिंदगी ने जो दिया,मस्त है

ये, वो होता के महल बना ही नहीं रहा हूं,

मैं चला गया हूं घर लेकिन

तुम्हारे पास से जा ही नहीं रहा हूं।

तुम्हारी आंखों की नमी, शोखियां 

डूबा हूं इनमें थाह पा ही नहीं रहा हूं। 

मूंगफलिया जो छिली तुमने, देखता हूं

जाने क्यूं पर इनको खा ही नहीं रहा हूं।

प्रेम, गुस्सा, हठ, विछौड़े खेल मन के 

ठीक ही तो है सब इसे समझा ही नहीं रहा हूं।

क्यूं खुदा से लड़ूं, शिकायतें करूं 

तुमने छुआ था भुला ही नहीं रहा हूं।

तुम्हारी खुशबू बसी है हर अंग में 

कितना मजे में हूं की नहा ही नहीं रहा हूं।

नशे में हूं ऐसे कि फिर से मिलूं सोचा नहीं

पहली खुमारी से बाहर आ ही नहीं रहा हूं।

ऑफिस, काम, घर चल रहा है मेरे साथ 

तुम्हारी यादों से पर दूर जा ही नहीं रहा हूं।

मैं चला गया हूं घर लेकिन

तुम्हारे पास से जा ही नहीं रहा हूं।








Monday, January 10, 2022

मोहब्बत चीज नहीं आजमाने की

 जो तड़प तुम्हारे शब्दों में है मिलने मिलाने की

फक्त एक कोशिश है हमें दिलासा दिलाने की,


कदम तुम्हारे दहलीज से बाहर नहीं निकलते 

और बात करते हो साथ साथ भाग जाने की ।


चुपके चुपके स्टेटस लगाएं हैं किस के लिए

क्या क्या करोगे बच के नजरों से ज़माने की ।


क्या शर्तें और क्या ही मिलने में चालाकियां

दिल नहीं तो कहदो जरूरत क्या है बहाने की ।


हँसके बातें, गले झूम के, चूमना यूं रकीबों को

जान वैसे ले लो मोहब्बत चीज नहीं आजमाने की ।











Tuesday, September 21, 2021

तुम पर मर रहे हैं........

 

ये जो हम इधर उधर की बाते कर रहे हैं

सच पुछो तो तुम पर मर रहे हैं,

तुम से पह्ले जितने भी रह गये थे फिल् इन द ब्लैंक जिंदगी में

मिलके तुमसे हम बस उनको भर रहे हैं,

मैं तुम्हें इस तरह से याद कर रहा हूँ 

खड़ा हूँ वही और साल गुज़र रहे हैं ।

पर जो तेरी आंखो में रक़ीबो की परछाई है

दिल बैठ रहा है हाथ कांप रहे हैं देखो हम कितना डर रहे हैं,

बदलें हैं जाने कितने ठिकाने तुमने अब तक

ये कमाल है कि हम तुम्हारे ही मगर रहे हैं,

ये जो उजड गया है बस तुम्हारी खातिर

उस शख्स के कभी खुशियों के घर रहे हैं,

ये भी ना हो सका कि प्यार के बदले प्यार लौटा दो

क्या करोगे जवानी का,  कौन लोग हैं जो अमर रहे हैं,

एक चीज मांगी थी तुमसे अपना समझकर

गरीब के काम ना आओगे कहते फिरते हो कि मर रहे हैं। 

 

Thursday, April 8, 2021

चपला दिल में दौड़ती . . .

ये भाव नूतन है

मिलन अनोखा है

मंजर दुर्लभ है

तुम्हारी आंखे बोल कुछ रही हैं

होंठ कंपकंपा रहे हैं

सीने की धड़कनें हमें बुला रही हैं

और हम निश्छल, एकटक, संकोची बन 

भाव विहवल हैं तुम्हारे अन्दर समाने को ।

अपनी आगोश में 

समेटकर एक दूजे को 

अधरों पर अधर रख 

हम समर्पित कर रहे हैं

परस्पर अपना स्वाद

बेहद प्रेम में डूबे दिल 

कितने बेताब हैं अपनी कहानियां सुनाने को।

जिस्म तरंगित

अठखेलियां अनगिनत 

मन उद्वेलित 

और 

चपला दिल में दौड़ती रतिकेलि करती

बदन ऐंठते हैं मिलन को 

निष्कपट शर्म दीवार ढहाने को।

तुम्हारे हृदय की धड़कनें सुन रही हैं अभी तक अनवरत 

धौंकनी के जैसे चलती सांसे

घुल रही हैं 

मेरी सांसों में 

और

हम हिमखंड सा पिघलकर

बन रहे हैं एक नदी

जो तत्पर है समंदर में खो जाने को।






Tuesday, March 9, 2021

so soft, smooth .....


 

Tum le chalo kabhi .....


 

Top Enemy !!!


 

Tumhari hansi se hansti hai ye dunia .....


 

Tumhare Jaisaa Chaand !!!!


 

Prayers .....


 

Mere hisse ka suraj .....


 

So, be careful ....its cruel world out there


 

Yepp ! So peaceful ...


 

last Valentine