तेरी गुलाबी गुलाबी बातें पिया...........
याद आती हैं तेरी गुलाबी गुलाबी बातें पिया कटती नहीं हैं अब ये लम्बी लम्बी रातें पिया। है तन भीगा भीगा और मन भारी भारी जो तुम होते तो कुछ सुनते सुनाते पिया. याद आतीं है तेरी गुलाबी गुलाबी बातें पिया। गर तुम्हे ऊँचे महलों की चाहत न होती हम भी प्रेम गीत कोई मधुर सा गाते पिया याद आतीं है तेरी गुलाबी गुलाबी बातें पिया। तुम दिन की रोशनी में तुम हर रैना चांदनी में ऐसे जैसे जाने कैसे कैसे तुम्हे पूरी रैना जगाते पिया याद आतीं है तेरी गुलाबी गुलाबी बातें पिया। कभी तुम रूठ जाते तो हम मनाते पिया अपनी जिंदगी को यूँ ना सताते पिया गए छोड़कर भरी राह यूँ ना जाते पिया हम तेरे अपने हैं अपनों को नहीं रुलाते पिया आ जाओ की यूँ ना सताते पिया याद आतीं है तेरी गुलाबी गुलाबी बातें पिया।