इश्क़ आसान हुआ कब था
मैं तेरी जान हुआ कब था,
यूँ मिलके अजनबी हैं दोनों
हमारा एक मकान हुआ कब था ?
मिलने पर बेहद नेक लगा
ऐसा की, ऐसा इंसान हुआ कब था,
उसके हृदय में घर था मेरा
फिर वहां मेहमान हुआ कब था ?
गर मैं नहीं तुम तो सुलझे थे
बिछड़ के समाधान हुआ कब था ?
तू समझ में आया धीरे धीरे
छोड़ा तो हैरान हुआ कब था?
मैं सकते में था उसे देखकर
पीठ का वो निशान हुआ कब था ?
फिर जैसे तोडा दिल उसने
इतना हैवान हुआ कब था ?
दीवारें खींचती चली गयी दरम्यान
जंग का एलान हुआ कब था ?

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