Friday, July 31, 2026

मेमोरी डिवाइस के कोने की तस्वीरें

हम ढूंढते रहे हैं 

बहुत सी अनदेखी जगह

विचरते रहें हैं 

संसार में मकसद बे मकसद, 

कितने स्थान, लोग, पहाड़ 

झरने, पानी, समंदर

सूरज और चाँद   

जो तस्वीरों में कैद हैं 

पड़े रहते हैं ऐसे ही किसी 

मेमोरी डिवाइस के कोने में,

जैसे गुजरे वक़्त में हमने 

बसाये थे हज़ारों लम्हे 

लाखों यादें 

हमारे ह्रदय में,

खोजने पर ही मिलते हैं 

अब वो चित्र जो बंद हैं 

किसी डिवाइस में या मन में

परत दर परत नीचे दबे हुए,

वो भी तब जब सही अलगो लगा हो 

सर्च में और दिमाग में

नहीं तो एक जैसी 

अनगिनत छवि हैं 

जो असली खोज को 

इतनी देर तक बाधित 

कर देती हैं 

कि उम्र गुजर रही होती है 

और हम तकनिकी पिछड़ेपन 

के घेरे में फंस जाते, 

बदन पर इतने मौसमों की मार 

झेलते झेलते 

परतें पाट नहीं पाते,

वो तस्वीरें और यादें 

गडमगढ़ सी, नहीं मिलती फिर 

जैसे भूले पासवर्ड के बाद  

जब हार्ड रिसेट करो तो

सारे अवरोध ख़तम तो हो जाते 

बस बहुत सारे हिस्से भी मिट जाते हैं 

दिलो दिमाग के साथ भी 

ऐसा ही होता 

जो जैसा था 

वैसा फिर नज़र नहीं आता रे निष्ठुर। 

 


   





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