Thursday, December 3, 2020

उम्र भर प्रेम करने को.................

प्रेम की जात थोड़े ना होती है 

प्रेम तो होता है बस 

किन्ही ख़ूबसूरत सी आँखों से 

जिनमें भरी  रहती है 

ढेर सारी चाहत,


प्रेम तुमसे नाम नहीं पूछता 

वो रख देता है 

बहुत सारे नाम 

अनूठे, अजीब रस भरे 

देते रहते हैं जो 

सुकून और ह्रदय को राहत,


प्रेम में कोई अलग नहीं होता 

वो रहते हैं साथ 

यादों, वादों, इरादों में 

कभी दुपहरी की धुप सा जलते हुए 

तो कभी समंदर सा मचलते  

कहीं गहरे जिन्दा रहता है   

प्रेम और 

मिलती रहती है चाहत,


प्रेम मांगता नहीं  

वो अनवरत समर्पित करता है 

खुशियां, हँसी, जीवन, प्यार 

और दे देता है अपनी उम्र 

साथी के दुःख कम करने को 

छोड़ देता है मोहब्बत 

फिर 

उम्र भर प्रेम करने को। 





 




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