जाने से पहले
एक बार कहा तो होता
की इस बार तुम्हारा इरादा
वापिस आने का नहीं है
जाने से पहले
एक बार तुमने याद किया होता
उन सभी लम्हों को
जो गैर इरादात्तन हमने साथ गुजारे
जाने से पहले
तुमने पूछा तो होता
की बिन तुम्हारे जीना कैसा होगा
सदियों सा इंतजार
तुम्हारे आने की आस
बिन बुझी प्यास
जाने से पहले
कुछ तो कहा होता
कुछ तो सुना होता
निष्ठुर!
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