हम खुद को बदल रहे हैं
जहर इतना निगल रहे हैं,
प्यार है तो सही दिल में
पूछा उनसे तो मचल रहे हैं,
खुद हों न जाहिर जमाने पे
चालें ऐसी चल रहे हैं,
तेरी यादों ने डगमगाया
वरना इरादे अटल रहे हैं,
काश वो आ जाये कहीं से
नैना कब से सजल रहे हैं,
इतनी दूरी नहीं अच्छी
हम तेरे खुशनुमा कल रहे हैं,
गलतफहमियां हुई ज्यादा
वरना हम तो असल रहे हैं,
जहर इतना निगल रहे हैं,
प्यार है तो सही दिल में
पूछा उनसे तो मचल रहे हैं,
खुद हों न जाहिर जमाने पे
चालें ऐसी चल रहे हैं,
वरना इरादे अटल रहे हैं,
काश वो आ जाये कहीं से
नैना कब से सजल रहे हैं,
इतनी दूरी नहीं अच्छी
हम तेरे खुशनुमा कल रहे हैं,
गलतफहमियां हुई ज्यादा
वरना हम तो असल रहे हैं,
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